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पुलिस ने डेढ़ महीने बाद कब्र खुदवाकर निकलवाया शव, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

जबड़े में लगी चोट से हुई थी युवक की मौत, बिना पोस्टमॉर्टम दफनाया तो डेढ़ माह बाद पुलिस ने निलवाई लाश

यूनियन जा रहे ट्रक ड्राइवर शकीन मोहम्मद के सामने नीलगाय आई तो हुआ था हादसा

डाॅक्टर ने सर्जरी करके जबड़ा तारों से बांध दिया, फिर 30 दिन तक बंध रहा

बाद में जबरन चंडीगढ़ ले परिजन तो हो गई थी मौत

ऊना। ऊना में पुलिस ने एक लाश को डेढ़ महीने बाद कब्र खुदवाकर निकलवाया और इसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामला इलाज में लापरवाही से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके बाद परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम के ही लाश का दफना दिया था। अब मौत के कारणों की दोबारा से जांच होगी और उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को लाश को निकाले जाने के दौरान प्रशासन द्वारा गठित कमेटी में तहसीलदार अम्ब मनोज ठाकुर की अगुवाई में थाना प्रभारी अम्ब दर्शन सिंह, अन्वेषण अधिकारी एवं एएसआई सरूप जरियाल व अन्य पुलिस कर्मचारी शामिल रहे।

1 अगस्त को सड़क हादसे में लगी थी जबड़े पर चोट: मिली जानकारी के अनुसार इलाज में कथित लापरवाही बरतने के चलते हुई मौत के आरोप में अम्ब पुलिस ने उपमंडल अम्ब क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाले एक दंत चिकित्सक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। इस मामले में नसीब दीन पुत्र ईद मोहम्मद निवासी नैहरी नौरंगा ने शिकायत में कहा था कि उसका बेटा शकीन मोहम्मद (31) पेशे से ट्रक ड्राइवर था और अपनी गाड़ी चलाता था। एक अगस्त को जब वह ट्रक यूनियन से स्कूटी पर घर की तरफ आ रहा था तो घर के नजदीक रास्ते में अचानक नीलगाय आ जाने के कारण सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे में उसके जबड़े में गंभीर चोटें आई थी, जिसका उपचार उन्होंने निजी डेंटल क्लीनिक में शुरू करवा दिया। उसने आरोप लगाया कि डाॅक्टर ने सर्जरी करके जबड़ा तारों से बांध दिया। करीब 30 दिन तक जबड़ा बंधे रहने के चलते बेटे को खाने-पीने में कठिनाई रही। उनके बार-बार बोलने के बावजूद न तो डाक्टर ने उसे कहीं आगे भेजा और न ही उसका जबड़ा खोला। करीब एक माह बाद उन्होंने जबरदस्ती डाॅक्टर ने साथ झगड़ा करके मुंह खुलवाया। बेटे की हालत गंभीर देखते हुए वह उसे होशियारपुर के एक अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डाॅक्टर ने केस लेने से मना कर दिया। 5 सितंबर की शाम वो बेटे को लेकर पीजीआई गए, लेकिन वहां 6 की सुबह उसने दम तोड़ दिया।

चंद पैसों की खातिर जिंदगी से किया खिलवाड़: मृतक के पिता का आरोप है कि यदि डाॅक्टर समय रहते केस को आगे रैफर कर देता तो उसके बेटे की जिन्दगी बच सकती थी लेकिन चंद पैसों की खातिर उसने जिंदगी से खिलवाड़ किया है और उन्हें अंधेरे में रखा। इस मामले में प्रशासन ने मृतक के परिजनों की रजामंदी पर मौत के कारणों की जांच के लिए करीब डेढ़ माह बाद शव को कब्र से निकाला है। अब देखना यह है कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मृतक के परिजनों द्वारा दंत चिकित्सक पर लगाए गए आरोप कितने सच साबित होते हैं।

क्या कहते हैं पुलिस अफसर: इस बारे में अम्ब के डीएसपी मनोज जम्वाल और व एसएचओ दर्शन सिंह का कहना है कि पुलिस थाना अम्ब में आईपीसी की धारा 336 व 304ए के तहत दंत चिकित्सक के खिलाफ दर्ज हुए मामले में पुलिस ने प्रशासन द्वारा गठित टीम की निगरानी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमाॅर्टम के लिए टांडा मेडिकल काॅलेज भेज दिया है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।


Khushboo

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