लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
मानसून के दौरान मौसम कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कई बार लोग बिना छाते या रेनकोट के घर से निकलते हैं और रास्ते में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो जाती है। ऐसे समय में घबराकर दौड़ने की बजाय समझदारी से काम लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।
यदि आसपास कोई बस स्टॉप, दुकान, फ्लाईओवर या इमारत की शेड मौजूद हो, तो कुछ देर वहीं रुकना बेहतर विकल्प है। दौड़ने से कपड़े ज्यादा भीगते हैं और फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है। बैग में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सामान और जरूरी दस्तावेजों को प्लास्टिक बैग या वाटरप्रूफ कवर में सुरक्षित रखें।
अगर बारिश में चलना ही पड़े, तो सड़क के किनारे जमा पानी से बचें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से परहेज करें। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बैग के अंदर सुरक्षित रखें। बारिश कम होने तक सुरक्षित स्थान पर इंतजार करना सबसे बेहतर उपाय माना जाता है।
मानसून के मौसम में घर से निकलते समय फोल्डिंग छाता, हल्का रेनकोट या वाटरप्रूफ बैग कवर साथ रखना भविष्य की परेशानी से बचा सकता है। थोड़ी-सी तैयारी आपको अचानक होने वाली बारिश में भी सुरक्षित और आरामदायक रख सकती है।