लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
वसई-विरार: महाराष्ट्र के वसई-विरार क्षेत्र में बारिश के बाद पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर राज्य के मंत्री गणेश नाइक ने अनियोजित शहरीकरण और अतिक्रमण को प्रमुख कारण बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बढ़ते निर्माण कार्यों और प्राकृतिक जल निकासी मार्गों में बदलाव के कारण इलाके में जलभराव की समस्या गंभीर हुई है।
गणेश नाइक ने कहा कि वसई-विरार क्षेत्र में बढ़ती आबादी और बिना पर्याप्त योजना के हुए शहरी विस्तार ने बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
उन्होंने अधिकारियों से स्थिति की समीक्षा करने और बाढ़ से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। प्रशासन की ओर से जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट में भी वसई-विरार में बाढ़ की समस्या के पीछे अनियोजित विकास, घटती जल निकासी क्षमता और प्राकृतिक जल मार्गों में बदलाव जैसे कारणों का उल्लेख किया गया है।
लगातार बारिश के दौरान वसई-विरार के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आई, जिससे बिजली, पानी और यातायात सेवाएं भी प्रभावित हुईं। प्रशासन अब भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर ड्रेनेज और शहरी नियोजन पर ध्यान देने की बात कह रहा है।