लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में RG कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस एक बार फिर चर्चा के केंद्र में रहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सदन में कहा कि उनकी सरकार इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के इस आश्वासन को सुनकर पीड़िता की मां और पानिहाटी से भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ भावुक हो गईं। सदन में उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और अन्य विधायकों ने उन्हें सांत्वना दी। बाद में उन्होंने कहा कि वह सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए विधानसभा पहुंची हैं और उन्हें अब भी न्याय मिलने की उम्मीद है।
सुवेंदु अधिकारी ने सदन में कहा कि RG कर मामले में न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच में कथित लापरवाही को लेकर तीन IPS अधिकारियों को निलंबित किया गया है तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार का दावा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला अगस्त 2024 में सामने आया था, जब RG कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक प्रशिक्षु डॉक्टर मृत पाई गई थीं। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था और न्याय की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन चले थे। मामले की जांच अब भी चर्चा और निगरानी के दायरे में बनी हुई है।
हाल के दिनों में पीड़िता के परिवार ने जांच को लेकर कई सवाल उठाए हैं और व्यापक साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी पूरे सच के सामने आने और सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का इंतजार है।