लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 18 महीने के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला घटना के केवल 40 दिन के भीतर आया, जिसे राज्य के सबसे तेज हत्या मुकदमों में से एक माना जा रहा है।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने बच्चे की मां से शादी की इच्छा जताई थी। प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने मासूम को अपने रास्ते की रुकावट मानते हुए टॉफी दिलाने के बहाने बाहर ले जाकर सड़क पर पटक-पटककर उसकी हत्या कर दी। इस पूरी वारदात का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था।
पुलिस ने मामले की जांच तेज़ी से पूरी करते हुए छह दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के एक गवाह के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए मृत्युदंड सुनाया।
इस फैसले को त्वरित न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय कानून के तहत मौत की सजा को अंतिम रूप से लागू होने से पहले उच्च न्यायालय सहित आगे की न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होता है।