लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
केरल के वायनाड जिले में इस बार कमजोर मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून महीने में सामान्य से काफी कम वर्षा होने के कारण धान, कॉफी, काली मिर्च, अदरक और अन्य फसलों की बुवाई तथा शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो रही है।
ह्यूम सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड वाइल्डलाइफ बायोलॉजी के आंकड़ों के अनुसार, वायनाड में जून 2026 के दौरान केवल 270.23 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले पांच वर्षों में जून महीने की सबसे कम वर्षा है। इससे खेतों में नमी की कमी पैदा हो गई है और सिंचाई पर निर्भरता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो फसलों की पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है। कई किसानों ने बताया कि बुवाई में देरी हो रही है और पौधों की वृद्धि भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बदलते मौसम और अनियमित मानसून कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने किसानों को जल संरक्षण, वैकल्पिक सिंचाई और मौसम आधारित कृषि सलाह अपनाने की सलाह दी है।
किसानों को अब उम्मीद है कि जुलाई में मानसून रफ्तार पकड़ेगा, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी लौटेगी और फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकेगा।