लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की सफल यात्रा पूरी करने के बाद अपने अगले विदेशी दौरे के तहत ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गए। इंडोनेशिया प्रवास के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई और दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से 14 अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुरक्षित करने तथा उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए, जहां वे शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इस यात्रा में व्यापार, रक्षा, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' और इंडो-पैसिफिक रणनीति को और मजबूती देगी। लगातार बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक महत्व के बीच भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है।