लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
फिरहाद हाकिम ने सोमवार शाम खड़गपुर के इंदा ईदगाह मैदान में आयोजित जनसभा में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप सरकार के समर्थन में संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने दिलीप घोष पर जमकर निशाना साधा।
हाकिम ने दावा किया कि दिलीप घोष कभी तृणमूल कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्गापुर में हार के बाद घोष भाजपा छोड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन बाद में नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनका रुख बदल गया।
उन्होंने मतदाता सूची के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि नाम हटाए जाने वाले लोगों को देशद्रोही बताना गलत है। उनके अनुसार संविधान और मतदान के अधिकार का सम्मान करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी करते हुए हाकिम ने उनकी भाषा की तुलना फिल्म “शोले” के किरदार गब्बर सिंह से की। साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह बिना अधिकार के “चार्जशीट” देने की बात करती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए हाकिम ने कहा कि भाजपा को अपने नेताओं के मामलों पर भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने अन्य राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों पर हमलों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बंगाल के लोग भारतीय नागरिक हैं।
राज्य सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए हाकिम ने ममता बनर्जी की योजनाओं की सराहना की और कहा कि जंगमहल क्षेत्र में विकास से लोगों की स्थिति में सुधार हुआ है।
वहीं, इन आरोपों पर पलटवार करते हुए दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस को “डस्टबिन” बताते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति खराब हो चुकी है। उन्होंने राज्य सरकार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विफल रहने का आरोप लगाया।