लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि यदि राजनीतिक दलों के खातों पर कार्रवाई हो सकती है, तो मंदिरों में जमा होने वाले धन की जांच या उसे फ्रीज करने जैसी कार्रवाई कब की जाएगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि टीएमसी के सभी वित्तीय लेनदेन चुनाव आयोग और आयकर विभाग के समक्ष पारदर्शी तरीके से घोषित किए गए हैं, इसके बावजूद पार्टी के खातों को फ्रीज करना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कदम है।
ईडी ने हाल ही में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के तहत टीएमसी के तीन बैंक खातों में जमा लगभग 440 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की थी। एजेंसी का दावा है कि पार्टी के खातों से एक एविएशन कंपनी को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए, जिनकी जांच जारी है। वहीं टीएमसी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कार्रवाई को लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है।
इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले में टीएमसी को नियमित खर्चों के लिए सीमित निकासी की अनुमति दी है, जबकि खातों से होने वाले लेनदेन की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया फिलहाल जारी है।