संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ढांचे के खिलाफ भारत की कार्रवाई पर की गई टिप्पणी को सिरे से खारिज कर दिया। भारत की ओर से लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब ने कहा कि OIC तथ्य और कल्पना के बीच अंतर करने के साथ-साथ पीड़ित और अपराधी में फर्क करने में भी नाकाम रहा है।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद से अपने नागरिकों की रक्षा करना उसका अधिकार है। देब ने कहा कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचे से भारत के खिलाफ हमलों की योजना और उन्हें अंजाम देने की बात सामने आती रही है।
भारत ने अपने जवाब में पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। भारतीय पक्ष के मुताबिक, 22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। भारत ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर किसी भी तरह का दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भारत ने OIC से जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी करने के बजाय पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में जारी हालात पर ध्यान देने को कहा। साथ ही भारत ने आतंकवाद से निपटने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (CCIT) को जल्द पूरा करने की मांग भी दोहराई।