लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2030 तक एड्स महामारी को समाप्त करने के उद्देश्य से एक नई राजनीतिक घोषणा को अपनाया है। इस घोषणा में एचआईवी/एड्स की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार की उपलब्धता और संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।
घोषणा के अनुसार, दुनिया भर में एचआईवी संक्रमण के नए मामलों और एड्स से होने वाली मौतों को तेजी से कम करने के लिए देशों को स्वास्थ्य सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए जागरूकता और रोकथाम कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र और UNAIDS का मानना है कि पिछले वर्षों में उपचार और जागरूकता अभियानों के कारण महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। वित्तीय संसाधनों की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं तक असमान पहुंच और सामाजिक भेदभाव प्रमुख बाधाओं में शामिल हैं।
नई घोषणा में सदस्य देशों से एचआईवी/एड्स कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त निवेश बढ़ाने, वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहन देने और स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने का आह्वान किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक स्तर पर समन्वित प्रयास जारी रहे तो 2030 तक एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।