लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
अमेरिका के टेक्सास राज्य के शिक्षा पैनल ने सार्वजनिक स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 50 लाख छात्रों के लिए बाइबिल की कहानियों को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद पूरे राज्य में धर्म और शिक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि बाइबिल की कहानियां पश्चिमी इतिहास, साहित्य और संस्कृति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनका दावा है कि इनका उद्देश्य धार्मिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भों से परिचित कराना है।
वहीं, इस फैसले के विरोधियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में किसी एक धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथों को अनिवार्य बनाना अमेरिका के संविधान में निहित चर्च और राज्य के अलगाव के सिद्धांत के विपरीत है। उनका मानना है कि इससे अन्य धर्मों के छात्रों और परिवारों की धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस निर्णय को लेकर कानूनी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं और आने वाले समय में यह मामला अदालतों तक पहुंच सकता है। फिलहाल यह मुद्दा शिक्षा नीति और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर राष्ट्रीय बहस का विषय बना हुआ है।