लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति यानी गुरु ग्रह को ज्ञान, धन, विवाह, संतान और भाग्य का कारक माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के बेहद करीब आ जाता है तो उसे अस्त या कमजोर अवस्था कहा जाता है। साल 2026 में गुरु अस्त होने की घटना को लेकर ज्योतिष जगत में चर्चा शुरू हो गई है।
मान्यताओं के अनुसार गुरु के अस्त होने से कुछ समय के लिए शुभ कार्यों, आर्थिक फैसलों और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषियों का कहना है कि इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है।
इन राशियों पर पड़ सकता है असर
मेष राशि:
बड़े फैसले लेने में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है। कारोबार या निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत बताई गई है।
कर्क राशि:
खर्चों में बढ़ोतरी और आर्थिक योजना में बदलाव की स्थिति बन सकती है। संपत्ति या बड़े निवेश में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सिंह राशि:
कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।
वृश्चिक राशि:
नए लोगों पर भरोसा करने और धन के लेनदेन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
धनु राशि:
गुरु धनु राशि के स्वामी माने जाते हैं, इसलिए इस अवधि में आत्ममंथन और पुराने कार्यों को पूरा करने पर ध्यान देने की बात कही गई है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, गुरुवार के दिन पीले वस्त्र या पीली वस्तुओं का दान और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने जैसे उपाय बताए जाते हैं। हालांकि ग्रहों के प्रभाव से जुड़ी ये मान्यताएं धार्मिक और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित हैं।