लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हजारों अपराधी ऐसे हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक निगरानी टैग पहनना था, लेकिन वे बिना टैग के रह रहे हैं। इससे अपराधियों की निगरानी व्यवस्था और न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक टैग का इस्तेमाल अदालतों और सुधारात्मक सेवाओं द्वारा अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। टैग न होने की स्थिति में अधिकारियों के लिए कुछ मामलों में निगरानी करना मुश्किल हो सकता है।
विशेषज्ञों ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि निगरानी व्यवस्था में सुधार और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने की आवश्यकता है। वहीं, संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि मामलों की समीक्षा की जा रही है और टैगिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
यह मामला ब्रिटेन की न्याय व्यवस्था में लंबित मामलों, संसाधनों की कमी और अपराधियों की निगरानी को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है।