लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं। हमले में दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित जहाजों में एक कतर का एलएनजी (LNG) टैंकर भी शामिल हो सकता है, जिसके इंजन रूम के पास मिसाइल लगने से आग लग गई। ब्रिटेन की यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी ने भी ओमान के तट के पास एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल लगने और उसमें आग लगने की पुष्टि की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों तथा वैश्विक व्यापार पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के सप्ताहों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। युद्धविराम और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद समुद्री सुरक्षा को लेकर स्थिति फिर से बिगड़ती दिखाई दे रही है। अमेरिकी प्रशासन इस घटना पर करीबी नजर बनाए हुए है और आगे की प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है।
फिलहाल ईरान की ओर से इस घटना पर आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। मामले पर विभिन्न देशों की निगाहें बनी हुई हैं क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है।