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कितना लाइफ इंश्योरेंस है पर्याप्त? जरूरत तय करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

लाइफ इंश्योरेंस कवर तय करना हर व्यक्ति की आय, खर्च, कर्ज और परिवार की जरूरतों पर निर्भर करता है। सही कवर के लिए वित्तीय जिम्मेदारियों का आकलन जरूरी है।

By : Local News of India
कितना लाइफ इंश्योरेंस है पर्याप्त? जरूरत तय करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

लाइफ इंश्योरेंस कवर चुनते समय आय, परिवार की जरूरतों और भविष्य की आर्थिक जिम्मेदारियों का आकलन करना जरूरी है।

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 
ऋचा बर्नवाल

लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि आखिर कितना बीमा कवर पर्याप्त होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कोई एक तय आंकड़ा सभी लोगों के लिए सही नहीं हो सकता, क्योंकि हर व्यक्ति की आय, परिवार की जिम्मेदारियां, कर्ज और भविष्य के वित्तीय लक्ष्य अलग-अलग होते हैं। सही कवर का चुनाव अपनी आर्थिक स्थिति और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

आमतौर पर कई लोग अपनी सालाना आय के आधार पर लाइफ इंश्योरेंस कवर तय करते हैं। एक सामान्य नियम के तौर पर 10 से 15 गुना वार्षिक आय के बराबर कवर को शुरुआती अनुमान माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल इस नियम पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। घर का लोन, बच्चों की शिक्षा, परिवार के मासिक खर्च और भविष्य की महंगाई जैसे पहलुओं को भी गणना में शामिल करना चाहिए।

वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, पर्याप्त लाइफ इंश्योरेंस कवर का उद्देश्य परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना होता है। अगर परिवार का कमाने वाला सदस्य नहीं रहता है तो बीमा राशि से रोजमर्रा के खर्च, कर्ज और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। इसलिए पॉलिसी लेते समय मौजूदा बचत और निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

कई बार लोग कम प्रीमियम के कारण कम कवर वाली पॉलिसी ले लेते हैं, लेकिन समय के साथ आय, जिम्मेदारियां और खर्च बढ़ने पर यह राशि अपर्याप्त साबित हो सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि शादी, बच्चे होने, नया लोन लेने या करियर में बदलाव जैसी परिस्थितियों के बाद बीमा जरूरतों की समीक्षा करनी चाहिए।

टर्म इंश्योरेंस को आमतौर पर ज्यादा कवर और कम लागत वाला विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य परिवार को वित्तीय सुरक्षा देना होता है। हालांकि, पॉलिसी का चुनाव व्यक्ति की जरूरत, बजट और लंबी अवधि की योजनाओं के अनुसार किया जाना चाहिए।

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