लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका और इजरायल के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। इस घटनाक्रम का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ नजर आ रहा है।
पिछले कारोबारी सत्र में S&P 500 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,816.89 अंक पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,902.89 अंक पर बंद हुआ था। हालांकि, अब हालात बदल गए हैं और Dow Jones Futures 344.57 अंक (0.72 प्रतिशत) गिरकर 47,570 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजारों में भी पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। FTSE 100 0.03 प्रतिशत गिरकर 10,600.53 अंक पर बंद हुआ, जबकि DAX 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,803.95 अंक पर रहा। दूसरी ओर CAC 40 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 8,259.60 अंक पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में आज भारी दबाव देखा जा रहा है। Nikkei 225 1.04 प्रतिशत गिरकर 56,330 अंक तक फिसल गया, जबकि Hang Seng Index 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,632 अंक पर आ गया।
इसी तरह KOSPI 1.27 प्रतिशत गिरकर 5,784.37 अंक पर पहुंच गया। Shanghai Composite और Straits Times Index में भी गिरावट का रुख बना हुआ है।
भारतीय बाजार के संकेतक GIFT Nifty में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, जो 442.50 अंक (1.84 प्रतिशत) टूटकर 23,649 के स्तर पर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और शांति वार्ता के विफल होने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है, जिसके कारण वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।