लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली: अमेरिका में रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों को लेकर एक विधेयक को फिर से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून में उन देशों पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है जो रूस से कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद खरीदते हैं। भारत, जो रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, इस प्रस्ताव से प्रभावित होने वाले प्रमुख देशों में शामिल है।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य रूस की ऊर्जा निर्यात से होने वाली आय को सीमित करना है, ताकि यूक्रेन युद्ध के बीच मॉस्को की आर्थिक क्षमता पर दबाव बनाया जा सके। यदि यह कानून अमेरिकी कांग्रेस से पारित होकर लागू होता है, तो रूस के ऊर्जा उत्पादों के आयातकों पर आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
भारत ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया है। नई दिल्ली का कहना रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आवश्यकताओं के आधार पर होती है। भारत ने अब तक किसी एक देश पर निर्भरता के बजाय विविध स्रोतों से ऊर्जा खरीदने की नीति अपनाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका यह विधेयक लागू करता है, तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक एवं कूटनीतिक बातचीत तेज हो सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी और प्रशासन की नीति पर निर्भर करेगा।