लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Enforcement Directorate के वरिष्ठ अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। उनके इस फैसले की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि वे देश के कई चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध मामलों की जांच का नेतृत्व कर चुके हैं।
सत्यब्रत कुमार उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने बड़े वित्तीय घोटालों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान ED ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में कार्रवाई की और बड़ी संपत्तियां अटैच कीं।
उनके नेतृत्व या निगरानी में जिन प्रमुख मामलों की जांच हुई, उनमें भगोड़े कारोबारी Nirav Modi से जुड़ा बैंक धोखाधड़ी मामला प्रमुख रहा। इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के दौरान ED ने भारत और विदेशों में संपत्तियों की पहचान और जब्ती की कार्रवाई की थी।
इसी तरह Vijay Mallya से जुड़े बैंक लोन डिफॉल्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच भी ED की बड़ी कार्रवाइयों में शामिल रही। इस केस में एजेंसी ने कई देशों के साथ कानूनी समन्वय करते हुए वित्तीय लेनदेन की जांच की थी।
हाल के वर्षों में चर्चा में रहे Mahadev Betting App मामले में भी ED की जांच सुर्खियों में रही। इस केस में कथित हवाला नेटवर्क, ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक सत्यब्रत कुमार ने करीब 11 साल पहले सरकारी सेवा में रहते हुए VRS लेने का विकल्प चुना था और अब उनका नाम फिर चर्चा में है। हालांकि उनके VRS को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
जांच एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि सत्यब्रत कुमार का कार्यकाल ED के लिए कई बड़े आर्थिक अपराध मामलों के लिहाज से अहम रहा। उनके नेतृत्व में एजेंसी ने कई हाई-वैल्यू वित्तीय जांचों को आगे बढ़ाया।
फिलहाल उनके VRS को लेकर प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा जारी है। वहीं ED की ओर से भविष्य की जांच व्यवस्था को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं।