ed-officer-satyabrat-kumar-vrs-nirav-modi-vijay-ma

नीरव मोदी से महादेव ऐप तक... बड़े मामलों की जांच करने वाले ED अफसर सत्यब्रत कुमार ने लिया VRS

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वरिष्ठ अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। वे देश के कई हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराध मामलों की जांच का हिस्सा रहे हैं

By : Local News of India
नीरव मोदी से महादेव ऐप तक... बड़े मामलों की जांच करने वाले ED अफसर सत्यब्रत कुमार ने लिया VRS

ED के वरिष्ठ अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने VRS लिया, वे नीरव मोदी, विजय माल्या और महादेव बेटिंग ऐप जैसे चर्चित मामलों की जांच से जुड़े रहे हैं।

 लिसिका ग्रोवर 
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया

 

 

Enforcement Directorate के वरिष्ठ अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। उनके इस फैसले की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि वे देश के कई चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध मामलों की जांच का नेतृत्व कर चुके हैं।

सत्यब्रत कुमार उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने बड़े वित्तीय घोटालों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान ED ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में कार्रवाई की और बड़ी संपत्तियां अटैच कीं।

उनके नेतृत्व या निगरानी में जिन प्रमुख मामलों की जांच हुई, उनमें भगोड़े कारोबारी Nirav Modi से जुड़ा बैंक धोखाधड़ी मामला प्रमुख रहा। इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के दौरान ED ने भारत और विदेशों में संपत्तियों की पहचान और जब्ती की कार्रवाई की थी।

इसी तरह Vijay Mallya से जुड़े बैंक लोन डिफॉल्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच भी ED की बड़ी कार्रवाइयों में शामिल रही। इस केस में एजेंसी ने कई देशों के साथ कानूनी समन्वय करते हुए वित्तीय लेनदेन की जांच की थी।

हाल के वर्षों में चर्चा में रहे Mahadev Betting App मामले में भी ED की जांच सुर्खियों में रही। इस केस में कथित हवाला नेटवर्क, ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच की गई थी।

सूत्रों के मुताबिक सत्यब्रत कुमार ने करीब 11 साल पहले सरकारी सेवा में रहते हुए VRS लेने का विकल्प चुना था और अब उनका नाम फिर चर्चा में है। हालांकि उनके VRS को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

जांच एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि सत्यब्रत कुमार का कार्यकाल ED के लिए कई बड़े आर्थिक अपराध मामलों के लिहाज से अहम रहा। उनके नेतृत्व में एजेंसी ने कई हाई-वैल्यू वित्तीय जांचों को आगे बढ़ाया।

फिलहाल उनके VRS को लेकर प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा जारी है। वहीं ED की ओर से भविष्य की जांच व्यवस्था को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं।

संबंधित सामग्री

महादेव बेटिंग ऐप केस में ED की बड़ी कार्रवाई, ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां अटैच

महादेव बेटिंग ऐप केस में ED की बड़ी कार्रवाई, ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां अटैच

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काईएक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कारोबारी विकाश गर्ग और उनसे जुड़ी संस्थाओं की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं।

टीएमसी खाते फ्रीज होने पर डेरेक ओ'ब्रायन का सवाल- मंदिरों का फंड कब फ्रीज होगा?

टीएमसी खाते फ्रीज होने पर डेरेक ओ'ब्रायन का सवाल- मंदिरों का फंड कब फ्रीज होगा?

टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने पार्टी के बैंक खाते फ्रीज किए जाने पर ईडी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि मंदिरों के फंड की जांच और कार्रवाई कब होगी।

ED की 440 करोड़ रुपये फ्रीज करने की कार्रवाई पर भड़की TMC, बोली- 'यह राजनीति से प्रेरित'

टीएमसी ने ईडी द्वारा 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि पार्टी के सभी वित्तीय लेनदेन पूरी तरह पारदर्शी हैं।

ED ने जब्त विमान की पहली नीलामी में बनाया रिकॉर्ड, 3 करोड़ रुपये में बिका हॉकर 800A जेट

ED ने पहली बार जब्त विमान की नीलामी की है। 792 करोड़ के पोंजी केस से जुड़े हॉकर 800A जेट को 3 करोड़ रुपये में बेचा गया।

बंगाल में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व DCP के बंद घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे अधिकारी

बंगाल में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व DCP के बंद घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे अधिकारी

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व DCP के बंद घर का ताला तोड़कर छापेमारी की। अधिकारियों की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।