लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
राष्ट्रीय राजधानी Delhi में टैक्सी और ऑटो चालकों ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। विभिन्न यूनियनों ने 21 मई से तीन दिनों की हड़ताल पर जाने की घोषणा की है, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ड्राइवर संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों ने उनकी कमाई पर बड़ा असर डाला है। उनका आरोप है कि बढ़ते खर्च के मुकाबले किराया दरों में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे रोजमर्रा का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
यूनियनों ने सरकार से किराया संशोधन, परमिट नियमों में राहत और ईंधन कीमतों पर नियंत्रण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में ऑटो, काली-पीली टैक्सी और कुछ ऐप बेस्ड कैब सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि Ola और Uber जैसे प्लेटफॉर्म्स की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यात्री संगठनों का कहना है कि अगर हड़ताल लंबी चली तो ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। Delhi Metro पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
पिछले कुछ महीनों में ईंधन कीमतों और महंगाई को लेकर कई राज्यों में परिवहन संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। दिल्ली में यह हड़ताल उसी बढ़ते असंतोष का हिस्सा मानी जा रही है।
प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से यूनियनों के साथ बातचीत की कोशिशें जारी हैं ताकि हड़ताल टाली जा सके। फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था पहले से तैयार रखने की सलाह दी जा रही है।