लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 11 जुलाई 2026 को दिल्ली के NDMC क्षेत्र में जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। यह आधुनिक मल्टीमीडिया और डिजिटल नॉलेज सेंटर के रूप में विकसित की गई है।
इस लाइब्रेरी का नाम भारत के स्वतंत्रता सेनानी और प्रमुख राजनीतिक नेता जयप्रकाश नारायण के नाम पर रखा गया है। इसका निर्माण नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा किया गया है।
32 हजार किताबें और 1 करोड़ डिजिटल संसाधन
जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी में करीब 32,000 भौतिक किताबें उपलब्ध हैं। इसके अलावा यहां लगभग 1 करोड़ ई-बुक्स और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच की सुविधा दी गई है।
लाइब्रेरी में करीब 200 लोगों के बैठने की क्षमता है। इसमें आधुनिक रीडिंग हॉल, बच्चों के लिए अलग सेक्शन और छात्रों व शोधकर्ताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
डिजिटल दौर में बढ़ेगी पढ़ने की आदत
आज के समय में सार्वजनिक पुस्तकालय केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गए हैं। डिजिटल सुविधाओं से लैस ये केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और आम लोगों को पढ़ाई और जानकारी हासिल करने का बेहतर माध्यम उपलब्ध कराते हैं।
NDMC की यह लाइब्रेरी भी पारंपरिक पुस्तकालय और आधुनिक डिजिटल ज्ञान केंद्र का मिश्रण है, जहां लोग किताबों के साथ ऑनलाइन संसाधनों का भी उपयोग कर सकेंगे।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सार्वजनिक पुस्तकालय शहरी क्षेत्रों में शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र माने जाते हैं। ये खासकर छात्रों को शांत वातावरण में पढ़ाई करने और नई जानकारियां हासिल करने का अवसर देते हैं।
जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी के जरिए दिल्ली में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर ज्ञान संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।