लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
दिल्ली-NCR में गुरुवार से बड़े पैमाने पर ट्रांसपोर्ट हड़ताल शुरू हो गई है। ऑटो, टैक्सी, कैब और ट्रक यूनियनों ने संयुक्त रूप से चक्का जाम का ऐलान किया है। इसका असर राजधानी और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन और सामान सप्लाई पर पड़ सकता है।
यूनियनों का कहना है कि लगातार बढ़ती CNG, पेट्रोल और डीजल कीमतों ने ड्राइवरों की कमाई पर भारी असर डाला है। इसके अलावा दिल्ली में लागू ग्रीन टैक्स और अन्य शुल्कों का भी विरोध किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि करीब 16 लाख ट्रक इस विरोध में सड़कों से बाहर रह सकते हैं।
ऑटो और टैक्सी यूनियनों की मुख्य मांगों में किराया संशोधन, ग्रीन टैक्स वापस लेना, परमिट नियमों में राहत और ईंधन कीमतों पर नियंत्रण शामिल हैं। उनका कहना है कि मौजूदा किराए में वाहन चलाना घाटे का सौदा बन गया है।
हड़ताल के चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस अड्डों के आसपास सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
प्रशासन ने लोगों को वैकल्पिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। वहीं सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा।