लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Asian Development Bank (एडीबी) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक अनुमान जताते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.9 फीसदी रह सकती है। वहीं अगले वित्त वर्ष 2027-28 में यह बढ़कर 7.3 फीसदी तक पहुंचने की संभावना है।
एडीबी ने अपनी ताजा Asian Development Outlook रिपोर्ट में मजबूत घरेलू मांग, आसान वित्तपोषण परिस्थितियों और भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के कम शुल्क को इस वृद्धि का प्रमुख कारण बताया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में जारी रिपोर्ट में 2026-27 के लिए 6.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाया गया है।
हालांकि एडीबी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि पश्चिम एशिया में जारी तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, व्यापार में बाधा और रेमिटेंस में कमी जैसे कारक आर्थिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई दर में भी इजाफा होने की आशंका है। वित्त वर्ष 2025-26 में 2.1 फीसदी रहने के बाद 2026-27 में यह बढ़कर 4.5 फीसदी तक पहुंच सकती है। हालांकि 2027-28 में वैश्विक तेल कीमतों में नरमी आने पर मुद्रास्फीति घटकर करीब 4 फीसदी रहने का अनुमान है।
एडीबी ने कहा कि 2027-28 में आर्थिक वृद्धि को घरेलू सुधारों, European Union के साथ संभावित व्यापार समझौते और सरकारी वेतन वृद्धि से समर्थन मिलेगा। इससे निर्यात में बढ़ोतरी और बाहरी मांग मजबूत होने की उम्मीद है।
इससे पहले Reserve Bank of India ने भी अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। वहीं World Bank ने भी हाल ही में भारत के विकास अनुमान को 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.6 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 7.1 फीसदी से अधिक है। इस वृद्धि के पीछे मजबूत घरेलू खपत, कर राहत और स्थिर सार्वजनिक निवेश को प्रमुख कारण माना गया है।