गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुरैना। श्रद्धा और भक्ति के पर्व चैत्र नवरात्र का समापन शुक्रवार को रामनवमी के साथ हुआ। नौ दिनों तक पूरे जिले में भक्ति का माहौल बना रहा और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
नवरात्र के दौरान महिला, पुरुष और बच्चे प्रतिदिन सुबह माता के मंदिरों में पहुंचकर जल, दूध, रोली, चावल और मिष्ठान से पूजा-अर्चना करते रहे। वहीं शाम के समय मंदिरों में भजन-कीर्तन, लांगुरिया और माता की भेंट का आयोजन देर रात तक चलता रहा।
नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कन्या पूजन किया और भंडारों का आयोजन किया। कन्याओं को भोजन कराने के साथ उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई और उपहार स्वरूप धनराशि भी दी गई। सुबह से ही भक्तगण गली-मोहल्लों में कन्याओं को भोजन के लिए आमंत्रित करते नजर आए।
जिले के प्रमुख मंदिरों—माता बसैया मंदिर, हरसिद्धि देवी मंदिर, बड़ोखर माता मंदिर, महामाया मंदिर, मंशादेवी मंदिर और अन्य देवी स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। वहीं जौरा अलापुर स्थित मुटमुटो माता मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा।
अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्री महामाया मंदिर से बड़ोखर माता मंदिर तक कनक दंडवत परिक्रमा कर अपनी आस्था प्रकट की। पूरे जिले में “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
नवरात्र के दौरान विभिन्न मंदिरों में मेले भी आयोजित किए गए, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, साफ-सफाई और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की।
रामनवमी के अवसर पर जिलेभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ, कीर्तन और भंडारों का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा मुरैना जिला भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया।