लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने के मुद्दे पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सरकारी आवास उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि प्रदेश में कई जिला न्यायाधीश और न्यायिक अधिकारी अभी भी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। अदालत ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से पूछा कि सभी जिला न्यायाधीशों के लिए सरकारी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
यह मामला न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़े एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान सामने आया। हाईकोर्ट ने कहा कि संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों के लिए सुरक्षित और सरकारी आवास उपलब्ध होना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
अदालत ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि भविष्य में जिला न्यायाधीशों और अन्य न्यायिक अधिकारियों के लिए सरकारी आवास की उपलब्धता बढ़ाने की क्या योजना है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।