लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में स्नातक (UG) प्रवेश प्रक्रिया के दूसरे चरण के बीच विभिन्न कॉलेजों ने छात्रों और अभिभावकों की मदद के लिए विशेष काउंसलिंग और मार्गदर्शन सत्र शुरू किए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उम्मीदवारों को कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत सही कॉलेज और कोर्स की वरीयता सूची (Preference List) तैयार करने, प्रवेश प्रक्रिया को समझने और उनकी शंकाओं का समाधान करने में सहायता देना है।
मिरांडा हाउस ने छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए तीन दिवसीय ओपन हाउस (फेज-II) कार्यक्रम शुरू किया है। इस दौरान फैकल्टी सदस्य प्रवेश प्रक्रिया, विभिन्न पाठ्यक्रमों, पात्रता, करियर विकल्पों और सही प्रेफरेंस लिस्ट तैयार करने से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से इस अवसर का लाभ उठाने और सोच-समझकर अपनी प्राथमिकताएं तय करने की अपील की है।
वहीं, हंसराज कॉलेज ने 'हंसराज कैंपस कनेक्ट' नाम से दो दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें छात्रों और अभिभावकों के लिए मुफ्त एडमिशन हेल्प डेस्क, कॉलेज कैंपस का भ्रमण और शिक्षकों से सीधे बातचीत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कॉलेज जीवन और प्रवेश प्रक्रिया से परिचित कराना है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुसार, CSAS के दूसरे चरण में छात्रों को अपने पसंदीदा कॉलेज और पाठ्यक्रमों की प्राथमिकता सूची अंतिम रूप देनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेफरेंस लिस्ट तैयार करते समय केवल प्रतिष्ठा के बजाय CUET स्कोर, पिछले वर्षों के कटऑफ, विषयों में रुचि और भविष्य के करियर विकल्पों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
विश्वविद्यालय के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहली सीट आवंटन सूची 16 जुलाई को जारी की जाएगी, जबकि नया शैक्षणिक सत्र 28 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। ऐसे में कॉलेजों द्वारा आयोजित ये काउंसलिंग सत्र हजारों छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को आसान और अधिक स्पष्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।