लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
BAT-BMS नाम के मोबाइल ऐप को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छिड़ी हुई है। दावा किया जा रहा है कि यह ऐप ब्लूटूथ के जरिए कुछ स्मार्ट लिथियम बैटरियों से कनेक्ट होकर ई-रिक्शा की बैटरी को लॉक या डिसेबल कर सकता है। इन दावों के बाद ई-रिक्शा चालकों और बैटरी कंपनियों के बीच चिंता बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना क्षेत्र में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की है कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो रहे हैं। चालकों का कहना है कि इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और सड़क पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
तकनीकी जानकारी के अनुसार, BAT-BMS ऐप चीन की कंपनी द्वारा विकसित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ऐप है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्लूटूथ-आधारित स्मार्ट लिथियम बैटरियों की निगरानी करना, चार्जिंग स्टेटस, वोल्टेज और अन्य बैटरी पैरामीटर देखना है। ऐप सामान्य परिस्थितियों में केवल उन्हीं बैटरियों से कनेक्ट हो सकता है जिनमें ब्लूटूथ आधारित BMS और आवश्यक पेयरिंग एक्सेस उपलब्ध हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अधिकांश ई-रिक्शा अभी भी पारंपरिक या सामान्य लिथियम बैटरियों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें इस तरह की स्मार्ट ब्लूटूथ सुविधा नहीं होती। इसलिए वायरल दावों और वास्तविक तकनीकी क्षमता के बीच अंतर समझना जरूरी है। फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि बिजनौर में ई-रिक्शा बंद होने की घटनाओं का सीधा संबंध BAT-BMS ऐप से है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।