लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ममता बनर्जी ने शनिवार को अंडाल में आयोजित एक जनसभा के दौरान चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने रानीगंज के भू-धंसान प्रभावित इलाकों के लिए बड़ा राहत पैकेज भी घोषित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और दो फ्लैट उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 6 हजार फ्लैट तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 4 हजार फ्लैट निर्माणाधीन हैं।
ममता बनर्जी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जान सबसे कीमती है और जोखिम वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होना जरूरी है।
राजनीतिक हमले को तेज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण में है, जिसके कारण राज्य सरकार कई मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर पा रही है।
रानीगंज से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार कालोवरण मंडल के समर्थन में आयोजित इस सभा में मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों को हटाकर माहौल खराब किया गया है।
उन्होंने रघुनाथगंज में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई झड़पों को लेकर भी बीजेपी और आयोग को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप था कि हथियारों के साथ जुलूस निकाले गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सभा के दौरान ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के नेता हरेराम सिंह को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। उन्होंने उनके बेटे द्वारा लाल बत्ती लगी गाड़ी के इस्तेमाल पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी नेता को विशेषाधिकार के दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह सख्त रुख चुनावी माहौल में पार्टी की छवि को मजबूत बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।