लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
चेन्नई: तमिलनाडु में कथित ₹35 करोड़ 'कैश फॉर वोट' मामले ने सियासी हलचल तेज कर दी है। तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी DMK के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। TVK का आरोप है कि उसके विधायकों को तोड़कर सरकार गिराने की कोशिश की गई, जबकि DMK ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा TVK पर ही राजनीतिक खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है।
TVK के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर DMK नेता वी. सेंथिल बालाजी के संपर्क में थे और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव में समर्थन हासिल करने के लिए प्रत्येक विधायक को लगभग ₹35 करोड़ की पेशकश की जा रही थी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं DMK ने इन आरोपों को राजनीतिक नाटक बताते हुए राज्यपाल से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। इस घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तनाव बढ़ गया है और मामले को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है।