लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोलकाता स्थित पूर्व मुख्यमंत्री एवं TMC प्रमुख ममता बनर्जी के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) की तैनाती की गई। यह सुरक्षा व्यवस्था उस समय की गई जब ममता बनर्जी बारुईपुर जाने की तैयारी कर रही थीं।
TMC नेताओं का आरोप है कि पुलिस की भारी तैनाती और बैरिकेडिंग का उद्देश्य उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बारुईपुर जाने से रोकना था। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए ‘घर में नजरबंदी’ जैसा कदम करार दिया है। पार्टी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर पुलिस मौजूदगी की तस्वीरें साझा कर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सामान्य सुरक्षा व्यवस्था है और इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। BJP नेताओं का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है और दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।