लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के रहने वाले गोपाल, जो पेशे से एक कुम्हार हैं, पिछले 12 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने अपना समय, पैसा और मेहनत सड़क किनारे लगाए गए पौधों को बचाने में समर्पित कर दी है।
गोपाल ने देखा कि विभिन्न अभियानों के तहत बड़ी संख्या में पौधे तो लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं होने के कारण अधिकांश पौधे कुछ ही समय में सूख जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने नए पौधे लगाने के बजाय पहले से लगाए गए पौधों को बचाने का संकल्प लिया।
शुरुआत में वह कुछ बाल्टियों में पानी भरकर पौधों को सींचते थे। समय के साथ उनका यह प्रयास एक दैनिक मिशन बन गया। अब वह 500 लीटर क्षमता वाले पानी के टैंक की मदद से सड़क किनारे लगे पौधों और पेड़ों को नियमित रूप से पानी देते हैं।
गोपाल बताते हैं कि इस काम के दौरान उन्हें लोगों की हंसी, तानों और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा।
लगातार 12 वर्षों की इस सेवा और पर्यावरण के प्रति समर्पण के कारण आज स्थानीय लोग उन्हें प्यार से 'ऑक्सीजन बाबा' के नाम से जानते हैं। उनका मानना है कि पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनकी देखभाल करना भी है ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण को बेहतर बना सकें।