लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
शिलांग: मेघालय सरकार वैज्ञानिक कोयला खनन से जुड़े मौजूदा नियमों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखने जा रही है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय कोयला मंत्री के साथ बैठक कर ऐसे संशोधनों की मांग करेगी, जिससे छोटे स्तर के खनिक भी कानूनी रूप से वैज्ञानिक खनन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान वैज्ञानिक खनन मॉडल बड़े पैमाने पर ओपन-कास्ट माइनिंग पर आधारित है, जो मेघालय की भौगोलिक परिस्थितियों, संकरी कोयला परतों और छोटे भूमि स्वामित्व वाले खनिकों के लिए व्यावहारिक नहीं है। खनिकों ने खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) और संबंधित दिशा-निर्देशों में संशोधन की मांग की है, ताकि कम भूमि पर भी वैज्ञानिक खनन संभव हो सके।
संगमा ने कहा कि राज्य में वैज्ञानिक कोयला खनन की मंजूरी मिलने और उत्पादन शुरू होने के बावजूद मौजूदा व्यवस्था में भारी निवेश की आवश्यकता है, जो अधिकांश स्थानीय खनिकों की पहुंच से बाहर है। राज्य सरकार का कहना है कि वह आजीविका और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए केंद्र के सहयोग से ऐसी नीति तैयार करना चाहती है, जिससे अधिक से अधिक स्थानीय खनिक कानूनी ढंग से इस क्षेत्र से जुड़ सकें।