लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का गोवर्धन क्षेत्र ऐतिहासिक मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस सप्ताहभर के धार्मिक मेले में 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु 21 किलोमीटर लंबी गोवर्धन परिक्रमा कर गिरिराज महाराज के दर्शन करेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।
मुड़िया पूर्णिमा मेला लगभग 469 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। यह मेला चैतन्य महाप्रभु के शिष्य और श्री गिरिराज महाराज के परम भक्त सनातन गोस्वामी की स्मृति में आयोजित होता है। मान्यता है कि उनके निधन के बाद उनके अनुयायियों ने सिर मुंडवाकर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की थी, जिसके बाद से इस परंपरा की शुरुआत हुई और यह विशाल धार्मिक मेले का स्वरूप ले गई।
जिला प्रशासन के अनुसार मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक हजार बसों की व्यवस्था की गई है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर 100 अतिरिक्त बसें भी उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी, एसडीआरएफ, आरआरएफ और अग्निशमन दल के जवान तैनात किए गए हैं। मेले की निगरानी के लिए 183 सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, अस्थायी पुलिस चौकियां, वॉच टावर और खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
प्रशासन ने गोवर्धन क्षेत्र को कई सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है। भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग, चिकित्सा सहायता और आपदा प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा प्रतिबंधित गतिविधियों से दूर रहने की अपील की गई है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान गोवर्धन परिक्रमा और गिरिराज महाराज का पूजन अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दूध अर्पित कर परिक्रमा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले और अधिक रहेगी, जिसके मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।