लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
पालघर: महाराष्ट्र सरकार ने पालघर जिले की एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना से प्रभावित भूमि मालिकों और किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि के बदले 25.43 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना राज्य के जल संसाधन विभाग के तहत चलाई जा रही है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाना तथा पेयजल आपूर्ति को मजबूत करना है। परियोजना के लिए कई गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिसके चलते स्थानीय किसानों और प्रशासन के बीच मुआवजे को लेकर चर्चा चल रही थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुआवजे की दर तय करने के लिए भूमि मूल्यांकन, आसपास के क्षेत्रों में बाजार दर और अधिग्रहण कानून के प्रावधानों को ध्यान में रखा गया है। कई दौर की समीक्षा और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद यह दर अंतिम रूप से तय की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में जल संकट कम होगा और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही हजारों लोगों को रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में सुधार का लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और समय पर मुआवजा वितरण को लेकर पारदर्शिता की मांग भी की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावित लोगों को नियमों के अनुसार उचित लाभ और पुनर्वास सुविधा दी जाएगी।
इस फैसले को राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और जल परियोजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विकास और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।