लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में विमानन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कोलकाता के लिए दूसरे एयरपोर्ट की योजना की घोषणा की है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नदिया जिले के कल्याणी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे कोलकाता के मौजूदा हवाई अड्डे पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
राज्य के बजट में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उल्लेख किया गया है। सरकार के अनुसार एयरपोर्ट निर्माण के लिए लगभग 1,000 से 1,500 एकड़ भूमि चिह्नित की जाएगी। कल्याणी की भौगोलिक स्थिति और सड़क संपर्क को देखते हुए इसे परियोजना के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
वर्तमान में कोलकाता का नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है। लगातार बढ़ते यात्री यातायात को देखते हुए दूसरे एयरपोर्ट की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नया एयरपोर्ट बनने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इतने बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का पर्यावरण पर असर भी होगा। 1,000 से 1,500 एकड़ भूमि के उपयोग से कृषि भूमि, हरित क्षेत्र या जलनिकासी तंत्र पर दबाव पड़ सकता है। निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई, मिट्टी के कटाव, धूल, शोर और स्थानीय जैव विविधता पर असर जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद विमान संचालन, वाहनों की आवाजाही और बढ़ते शहरीकरण से कार्बन उत्सर्जन, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में भी वृद्धि हो सकती है।
इसी वजह से विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) जरूरी होगा। यदि योजना में वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित पट्टी, शोर-रोधी उपाय और सार्वजनिक परिवहन से बेहतर कनेक्टिविटी जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जाती हैं, तो इसके पर्यावरणीय नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही, निर्माण के दौरान स्थानीय जलस्रोतों और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।
सरकार ने इसके साथ ही पुरुलिया, बालुरघाट और मालदा में नए एयरपोर्ट विकसित करने तथा कूचबिहार एयरपोर्ट के विस्तार की योजना भी पेश की है। यह पहल केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कल्याणी में दूसरा एयरपोर्ट बनने से न केवल कोलकाता महानगर क्षेत्र को राहत मिलेगी, बल्कि नदिया और आसपास के जिलों के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। फिलहाल भूमि चिन्हांकन और परियोजना की प्रारंभिक प्रक्रियाओं पर काम शुरू किया जा रहा है।