लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
भारत में इस बार मॉनसून की शुरुआत पर अल नीनो का असर साफ दिखाई दे रहा है। जहां एक तरफ मुंबई में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति की चिंता बढ़ रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो का असर भारतीय मॉनसून पर पड़ सकता है। इस मौसम पैटर्न के कारण भारत में कई बार सामान्य से कम बारिश, लंबे शुष्क दौर और तापमान बढ़ने जैसी परिस्थितियां देखी जाती हैं।
मुंबई में लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी है और मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मॉनसून की कमजोर शुरुआत ने चिंता बढ़ाई है।
मौसम के इस असंतुलन का असर खेती, जल स्रोतों और आम लोगों के जीवन पर पड़ सकता है। कम बारिश की स्थिति में किसानों और जल प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो हर जगह एक जैसा असर नहीं डालता। कुछ क्षेत्रों में बारिश बढ़ सकती है, जबकि कुछ इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बन सकती है। आने वाले हफ्तों में मॉनसून की चाल देश के मौसम की दिशा तय करेगी।