लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
दिल्ली के शाहीन बाग स्थित कब्रिस्तान में पत्नी की कब्र के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने अपनी पत्नी की कब्र को सुरक्षित रखने और भविष्य में किसी अन्य दफन के लिए इस्तेमाल न किए जाने की मांग की थी।
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को स्वीकार नहीं किया। फैसले में कब्रिस्तान प्रबंधन से जुड़े नियमों और संबंधित प्रक्रियाओं को ध्यान में रखा गया।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि मृतक की कब्र को दोबारा इस्तेमाल करने से भावनात्मक और धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं। वहीं, कब्रिस्तान प्रबंधन की ओर से अपने नियमों और व्यवस्थाओं का पक्ष रखा गया।
अदालत के आदेश के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।