लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
पटना: बिहार में फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने ऐसे 3,035 शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सतर्कता जांच में इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों में अनियमितता पाए जाने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, निगरानी ब्यूरो की जांच में कई शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच के आधार पर इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कानूनी और विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों की पहचान कर उनकी नियुक्ति की समीक्षा शुरू की है। विभाग का कहना है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से इन शिक्षकों को अब तक दिए गए वेतन और मानदेय की वसूली पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा समाप्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच लंबे समय से चल रही है। इस कार्रवाई को राज्य में फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने और शिक्षा विभाग में सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।