लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
असम: असमिया सिनेमा की नई फिल्म ‘भकुटकुट’ एक ऐसी भावनात्मक कहानी के रूप में सामने आती है जो ऑब्सेसिव लव, बचपन के अनसुलझे ट्रॉमा और रिश्तों की जटिलताओं को केंद्र में रखती है। फिल्म की कहानी ग्रामीण पृष्ठभूमि में सेट है, जहां पात्रों की निजी इच्छाएं और सामाजिक दबाव एक-दूसरे से टकराते नजर आते हैं।
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कुछ किरदार अपने अतीत के दर्द और भावनात्मक अस्थिरता के कारण रिश्तों को स्वस्थ तरीके से नहीं निभा पाते। बचपन के अनुभव उनके वर्तमान निर्णयों और व्यवहार को प्रभावित करते हैं, जिससे कहानी धीरे-धीरे एक मनोवैज्ञानिक ड्रामा का रूप ले लेती है।
रिव्यू के अनुसार फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी भावनात्मक गहराई और पात्रों का यथार्थवादी चित्रण है। हालांकि कुछ हिस्सों में कहानी की गति धीमी महसूस होती है, लेकिन निर्देशक ने मानव मनोविज्ञान और रिश्तों की उलझनों को प्रभावी ढंग से पेश किया है।
कुल मिलाकर ‘भकुटकुट’ एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को केवल मनोरंजन ही नहीं देती, बल्कि उन्हें भावनात्मक स्तर पर सोचने के लिए भी मजबूर करती है कि कैसे प्रेम और ट्रॉमा एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं।