लोकल इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हुसैन और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री प्रबित्रा मरघेरिटा को भेजे जाने की खबर सामने आई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान में हुए एक कथित अमेरिका-इजरायल हवाई हमले में हुई थी, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है और कई देशों की नजरें ईरान की आगामी राजनीतिक स्थिति पर टिकी हुई हैं।
भारत की ओर से उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने को क्षेत्रीय कूटनीति और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में भारत अपने संतुलित विदेश नीति दृष्टिकोण को बनाए रखने की कोशिश करता है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जबकि आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।