लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
भागलपुर में चार दिवसीय चैती छठ महापर्व उदीयमान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने के साथ बुधवार को संपन्न हो गया। जिले भर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
भागलपुर के साथ-साथ नवगछिया, कहलगांव, पीरपैंती और सुल्तानगंज के गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। घाटों पर “छठी मैया” के गीतों के बीच भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
शहर के बरारी घाट, कुप्पाघाट और सीढ़ी घाट सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रशासन द्वारा सफाई, सुरक्षा और प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
घाटों पर भारी भीड़ के बावजूद कई श्रद्धालुओं ने घरों में ही छठ पूजा की परंपरा निभाई। कुछ लोगों ने अपने आंगन या छत पर कृत्रिम तालाब बनाकर, तो कुछ ने जमीन में गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।
व्रतियों ने बांस के सूप और दउरा में ठेकुआ, फल, गन्ना सहित अन्य प्रसाद चढ़ाए। 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत के बाद सूर्योदय के अर्घ्य के साथ व्रतियों ने पारण कर उपवास समाप्त किया।
यह पर्व अपनी शुद्धता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति गहरी आस्था के लिए जाना जाता है, जिसमें श्रद्धालु पूरी निष्ठा से सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं।