गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिकी विदेश मंत्रालय में दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर सोमवार को तीन दिवसीय नेपाल दौरे पर काठमांडू पहुंचे। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक राजदूत ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
भारतीय मूल के समीर पॉल कपूर का यह दौरा नेपाल में बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई सरकार के गठन के बाद नेपाल पहुंचने वाले वे सबसे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी हैं, जिससे इस यात्रा का कूटनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
काठमांडू प्रवास के दौरान कपूर नेपाल सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वे वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले, विदेश मंत्री तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उनकी विस्तृत कार्यसूची तैयार की जा रही है।
इस यात्रा के दौरान नेपाल की आर्थिक प्राथमिकताओं, विकास सहयोग और विशेष रूप से मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन (एमसीसी) नेपाल कॉम्पैक्ट के शीघ्र क्रियान्वयन पर चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका की इस परियोजना में लगातार रुचि बनी हुई है और इसे नेपाल-अमेरिका संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के तत्कालीन सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू को पद से हटाकर सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ समीर पॉल कपूर को इस पद पर नियुक्त किया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी डोनाल्ड लू संभाल रहे थे।
समीर पॉल कपूर नई दिल्ली में जन्मे हैं और दक्षिण एशिया के राजनीतिक, सामरिक और आर्थिक मुद्दों की गहरी समझ रखते हैं। विदेश मंत्रालय में नियुक्ति से पहले वे अमेरिकी नौसेना के नेवी पोस्ट ग्रेजुएट स्कूल में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे, जहां वे सैन्य संचालन, तकनीकी नेतृत्व और युद्ध कौशल जैसे विषय पढ़ाते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल में नई सरकार बनने के बाद किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का सीधे काठमांडू पहुंचना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वॉशिंगटन की रणनीतिक प्राथमिकताओं में नेपाल का महत्व बढ़ा है। यह यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया में अमेरिका की नई रणनीतिक सक्रियता का भी संकेत मानी जा रही है।
कपूर बुधवार तक नेपाल में रहेंगे और उसके बाद वापस लौटेंगे। उनके इस दौरे पर नेपाल और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों की विशेष नजर बनी हुई है।