गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
केलांग में पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनजातीय क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की जनता गहरे संकट में है। उन्होंने मजदूरों की छंटनी, एलपीजी उपयोग पर चालान और किसानों-बागवानों की सब्सिडी बंद किए जाने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
रवि ठाकुर ने विशेष रूप से स्पीति उपमंडल की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग में मस्टररोल पर कार्यरत सैकड़ों स्थानीय मजदूरों को बिना किसी ठोस कारण के अचानक नौकरी से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से इन परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है और सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं।
उन्होंने लाहौल क्षेत्र में एलपीजी के उपयोग को लेकर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा कि खेतों और खलिहानों में खाना पकाने के लिए एलपीजी के इस्तेमाल पर चालान काटना पूरी तरह अव्यावहारिक है। यह फैसला जमीनी हकीकत से दूर है और ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है।
किसानों और बागवानों की सब्सिडी बंद किए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। रवि ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि और बागवानी है, लेकिन बजट की कमी का हवाला देकर सरकार ने इन क्षेत्रों से जुड़ी सहायता रोक दी है। इससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है और किसान-बागवान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में मजदूर, किसान, बागवान और आम आदमी—सभी वर्ग कांग्रेस सरकार से निराश हैं। सरकार को तुरंत अपने जनविरोधी फैसले वापस लेने चाहिए और जनता के वास्तविक हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।