लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली, 23 मार्च। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में 'वित्त विधेयक, 2026' पेश किया। यह विधेयक वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों, कर संरचना और बजटीय नीतियों को लागू करने के उद्देश्य से पेश किया गया है।
विधेयक पेश करने के बाद सदन में इसके बारे में चर्चा शुरू हो गई, जिसकी शुरुआत कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने की। यह वित्त विधेयक केंद्रीय बजट में घोषित कर प्रस्तावों और राजस्व उपायों को कानूनी रूप देने के लिए अहम कदम है।
वित्त विधेयक क्या होता है:
वित्त विधेयक एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज है, जो केंद्रीय बजट के बाद कर प्रस्तावों, कराधान में बदलाव और राजस्व बढ़ाने के उपायों को लागू करने के लिए संसद में पेश किया जाता है। यह संविधान के अनुच्छेद 110 (धन विधेयक) या अनुच्छेद 117 (वित्तीय विधेयक) के तहत आता है। इसे केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और पारित होने के बाद यह 'वित्त अधिनियम' बन जाता है।