लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली। चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने ईरान संकट और क्षेत्रीय कूटनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में भारत को पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका से कोई सीख लेने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईरान संकट पहले से ही कई देशों की भागीदारी और प्रयासों से “भीड़भाड़” वाली कूटनीतिक स्थिति बन चुका है, ऐसे में इस प्रक्रिया में नए मध्यस्थ के रूप में शामिल होना भारत के लिए विशेष रूप से लाभकारी नहीं होता।
राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि भारत अपनी विदेश नीति को व्यावहारिक हितों और रणनीतिक संतुलन के आधार पर आगे बढ़ाता है, न कि प्रतीकात्मक भूमिकाओं के आधार पर।
उनका यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति और पश्चिम एशिया की जटिल स्थिति पर भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है।