लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI अब अमेरिका में भी चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी भुगतान सुधार को लेकर चल रही बहस में भारतीय UPI मॉडल को एक सफल उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांसद और नीति विशेषज्ञ ऐसे डिजिटल भुगतान सिस्टम पर चर्चा कर रहे हैं जो तेज, सुरक्षित और ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुंच सके। UPI की सरलता और अलग-अलग बैंकों को जोड़ने वाली व्यवस्था को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।
भारत में 2016 में शुरू हुआ UPI आज छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक डिजिटल लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। यह बैंक खातों के बीच तुरंत भुगतान की सुविधा देता है और मोबाइल आधारित लेनदेन को आसान बनाता है।
अमेरिका में भी रियल टाइम पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने पर काम हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI जैसे इंटरऑपरेबल मॉडल से डिजिटल भुगतान को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।
भारत सरकार UPI को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार देने की कोशिश कर रही है। कई देशों के साथ इसके इस्तेमाल और डिजिटल पेमेंट कनेक्टिविटी को लेकर पहल की जा चुकी है।