लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के E20 ईंधन (एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की घोषणा की है। उन्होंने मांग की है कि इस कार्यक्रम की समीक्षा की जाए और इसे वापस लेने पर विचार किया जाए।
केजरीवाल का कहना है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से कई वाहन मालिकों को माइलेज और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तैयारी और व्यापक मूल्यांकन के इस तरह के बदलाव लागू किए गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस पूरे कार्यक्रम पर पुनर्विचार करना चाहिए और वाहन कंपनियों तथा विशेषज्ञों की राय को ध्यान में रखते हुए ही आगे की नीति तय करनी चाहिए। केजरीवाल के अनुसार, ईंधन नीति में किसी भी बड़े बदलाव से पहले पारदर्शिता और व्यापक परीक्षण जरूरी है।
वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सरकार का दावा है कि यह योजना वैज्ञानिक रूप से मान्य है और इससे पर्यावरणीय लाभ भी मिल रहे हैं।
पर्यावरण और ऊर्जा विशेषज्ञों का एक वर्ग इस कार्यक्रम को दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद मानता है, जबकि कुछ वाहन उपयोगकर्ता शुरुआती चरण में माइलेज में हल्की कमी की शिकायत कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
अब सभी की नजर प्रधानमंत्री को लिखे जाने वाले पत्र और केंद्र सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी है।