लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट कर दिया है कि देश का मिसाइल कार्यक्रम किसी भी स्थिति में अमेरिका के साथ होने वाली वार्ताओं या समझौतों का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं पर कोई समझौता नहीं करेगा।
पेजेशकियन ने पाकिस्तान यात्रा के दौरान कहा कि यदि ईरान के पास अपनी रक्षा के लिए मिसाइलें नहीं होतीं, तो अमेरिका और इजरायल उसके साथ भी वैसा ही व्यवहार करते जैसा गाजा में हुआ। उन्होंने मिसाइल क्षमता को देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए जरूरी बताया।
ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए 14-सूत्रीय समझौते को लेकर चर्चा जारी है। ईरान का कहना है कि मिसाइल कार्यक्रम इस समझौते का हिस्सा नहीं था और भविष्य की बातचीत में भी इसे शामिल नहीं किया जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी दोहराया कि देश की रक्षा क्षमता और मिसाइल कार्यक्रम पर किसी प्रकार की बातचीत नहीं होगी। तेहरान का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच उसकी सैन्य क्षमता राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिसाइल कार्यक्रम को लेकर ईरान के सख्त रुख से अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ आगे की वार्ताओं में नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क और अन्य मुद्दों पर बातचीत जारी रहने की संभावना बनी हुई है।