गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सभापति ने राघव चड्ढा समेत 7 बागी सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राज्यसभा में बीजेपी की ताकत और बढ़ गई है, जबकि AAP की उपस्थिति काफी कमजोर हो गई है।
मंजूरी पाने वाले नेताओं में राघव चड्ढा, संदीप कुमार पाठक, हरभजन सिंह, अशोक कुमार मित्तल, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा सचिवालय की अपडेटेड सूची में इन सभी नेताओं के नाम बीजेपी सांसदों की सूची में दर्ज कर दिए गए हैं।
इस बदलाव के बाद राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या 113 हो गई है, जबकि AAP के पास अब सिर्फ 3 सांसद बचे हैं—संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और संत बलबीर सिंह। इस घटनाक्रम को अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले AAP ने इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यसभा सभापति को याचिका भेजी थी। पार्टी नेता संजय सिंह ने इसे गैर-कानूनी बताते हुए दलबदल विरोधी कानून के तहत सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। हालांकि अब सभापति की मंजूरी के बाद इन सांसदों का बीजेपी में विलय औपचारिक रूप से मान्य हो गया है।
बीजेपी ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे विपक्षी गठबंधन के लिए बड़ा संदेश बताते हुए कहा कि यह “टुकड़े-टुकड़े INDI Alliance” को अलविदा कहने जैसा है। वहीं AAP इस पूरे मामले को लोकतंत्र के साथ विश्वासघात बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर सिर्फ राज्यसभा की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी एकजुटता पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।