लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) योजना को देशभर में लागू करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला 7 जुलाई 2026 को आयोजित चौथी राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने की। योजना का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक बनाना और युवाओं को रोजगार से जुड़े बेहतर कौशल प्रदान करना है।
PM-SETU योजना के लिए पांच वर्षों में कुल ₹60,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र सरकार ₹30,000 करोड़, राज्य सरकारें ₹20,000 करोड़ और उद्योग क्षेत्र ₹10,000 करोड़ का योगदान देंगे। यह योजना देशभर के 200 चिन्हित ITI क्लस्टरों को कवर करेगी।
इस योजना के तहत 1,000 सरकारी ITI को अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत कौशल विकास के लिए पांच नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
अपग्रेड किए गए ITI में पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उद्योगों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को मौजूदा रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के पांच ITI क्लस्टरों के लिए ₹1,237.58 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं में कई निजी उद्योगों को एंकर पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है।
PM-SETU योजना भारत में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार आधारित प्रशिक्षण के अवसर बढ़ सकते हैं।